
मेरी लाइफ का टर्निंग पॉइन्ट तब आया जब म्यूजिक कंपोजर, राइटर मिथुन ने मुझे ‛दिल संभल जा जरा’ गाना दिया। उसमें मेरे साथ सिंगर अरिजीत सिंह, सिंगर सईम भट भी हैं। ये सच है कि इस गाने के बाद कई लोगों ने मुझे नोटिस किया, जिसके कारण मुझे कई गाने मिले। इसके बाद मैंने कई भाषाओं जैसे बंगाली, तेलगु, कन्नड़, उड़ीया, तमिल, पंजाबी, गुजराती में गाने गाए। दूसरी भाषाओं में गाना चैलेंजिंग होता है। इसमें मैं लिरिस्स्टि, कंपोजर की काफी मदद लेता हूं। हर वर्ड का साउंड उनसे समझता हूं। इसमें एक्स्ट्रा टाइम और एफर्ट जाता है, लेकिन मजा आता है। यह कहना है बॉलीवुड सिंगर इरफान खान का वह भोपाल में आईसर कॉलेज में म्यूजिकल परफॉर्मेंस देने पहुंचे थे इस दौरान न्यूज़ अपना संगीतमय सफर साझा किया।
मोहम्मद रफी, किशोर दा के गाने सुन-सुन कर बड़ा हुआ हूं
इरफान ने बताया कि सभी की तरह बचपन से मैं भी मोहम्मद रफी, किशोर दा के गाने सुन-सुन कर बड़ा हुआ हूं। जब मैंने सिंगिंग को बतौर करियर चुना तो उस दौर में जिन्हें मैं सबसे ज्यादा फॉलो करता था तो वो हैं केके सर,वो मेरे फेवरेट हैं। उनके साथ ही सोनू निगम मेरे पसंदीदा सिंगर हैं मैं उनको बहुत मानता हूं। शान भैया मेरे एक रियेलिटी शो में एंकर थे। उनसे भी मैंने काफी कुछ सीखा है। इरफान कहते हैं एक्टिंग में डेब्यू का अभी सोचा नहीं। हां, कुछ इंडिपेंडेंट सॉन्ग किए है, उसे एक्टिंग कहना लेकिन सही नहीं क्योंकि अपने ही गाने पर अपना चेहरा नजर आना आसान है। असली एक्टिंग थोड़ी मुश्किल है। फ्यूचर में कभी मौका आया तो पता नहीं कर पाऊंगा या नहीं। अभी मैं अपने वेल विशर्स से यही कहना चाहूंगा कि शुक्रिया, मेरे गानों का ढेर सारा प्यार देने के लिए। आगे भी जितने गाने आएंगे, उन्हें भी उतना ही प्यार दें।
एस.पी.बालासुब्रमण्यम सर ने दिलाया बॉलीवुड में ब्रेक
मैं 13 साल की उम्र में बतौर चाइल्ड सिंगर परफॉर्म कर रहा था। तब एस. पी. बालासुब्रमण्यम साहब ने मुझे सुना। इसके बाद उन्होंने मुझे गाइड करना शुरू किया फिर जब मैं बड़ा हुआ तो उन्होंने मेरा नाम ए आर रहमान सर को रिकमेंड किया और मुझे अभिषेक और ऐश्वर्या की फिल्म रावन का गीत बहने दे मुझे बहने दे... मिला। इस तरह मेरा सिंगिंग करियर शुरू हुआ। यह कहना था बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर मोहम्मद इरफान। मैं हमेशा से सिंगर ही बनना चाहता था, लेकिन मैं एक इंजीनियर भी हूं। मेरे पैरेंट्स चाहते थे कि पहले मैं अपनी पढ़ाई पूरी करूं, उसके बाद जो मेरा शौक है, उसे पूरा करूं तो पहले मैंने हैदराबाद से अपनी इंजीनियरिंग कंप्लीट की। इसके बाद मुंबई आ गया और मैंने सिंगर बनने की कोशिश की और धीरे-धीरे मैंने अपना सपना अचीव किया।
म्यूजिक रियलिटी शोज में इमोशनल ड्रामा जगजाहिर है
रियलिटी शोज में आए बदलावों पर इरफान ने कहा कि मैंने करियर के शुरुआती दौर में कई रियलिटी शोज में भाग लिया है। जब मैं इनका हिस्सा था, उस जमाने में बहुत टफ कॉम्पिटिशिन था। जजेस के कॉमेंट बहुत क्रिटिकल होते थे। थोड़ा-सा गलत गाते थे तो बहुत सुनने को मिलता था, लेकिन अब तो सिर्फ तारीफ ही होती है। जमाना बदल गया है। हालांकि मैं यही कहूंगा कि उस समय के क्रिटकिल एनालिसिस की वजह से ही मुझमें काफी इम्प्रुवमेंट हुआ है। अभी तो संगीत के साथ ही बहुत सारा मेलोड्रामा होता है, जो सोशल मीडिया के इस जमाने में किसी से छिपा नहीं है। आज टीआरपी बढ़ाने के लिए जिस तरह का ड्रामा किया जाता है वो तो अब जगजाहिर हो गया है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

