
मेरी जर्नी काफी अजीब सी रही है क्योंकि मैं एक डेंटिस्ट हूं। मैंने डेंटिस्ट की पढ़ाई की और वह करते-करते मेरी म्यूजिक की जर्नी शुरू हुई। इसके बाद ही मैं प्लेबैक सिंगर बनी, तो मेरी जर्नी काफी इंटरेस्टिंग रही है और मैं बहुत खुश हूं कि अब मैं दिन रात म्यूजिक के साथ ही अपना जीवन बता पा रही हूं।
मेरी लाइफ का ट्रेडिंग पॉइंट ‛राब्ता’ गाना था जो मेरा डेब्यू सॉन्ग था। वह हिंदी में मेरा पहला गाना था जिसके जरिए मैंने बॉलीवुड में एंट्री की थी। उस गाने की वजह से मुझे बॉलीवुड में काफी ऑफर मिले और मेरी बॉलीवुड की जर्नी शुरू हो गई। इसके बाद पूरे देश में मेरी आवाज को एक पहचान मिल गई।
मेरे लिए म्यूजिक पैशन भी है और प्रोफेशन भी। मैं बचपन से बहुत सारे आर्टिस्ट को सुनती आई हूं। मैं यह नहीं कह सकती की कोई एक आर्टिस्ट मेरा फेवरेट रहा, मैं जब छोटी थी तो मेरे नाना-नानी के पास एक रिकॉर्ड प्लेयर हुआ करता था। उनके पास बहुत ही अमेजिंग कलेक्शन था। जगजीत सिंह,चित्रा सिंह का एक अलग कलेक्शन,विदेशी आर्टिस्ट का एक अलग कलेक्शन, तो मैं बहुत सारे आर्टिस्ट को तब भी सुनती थी और अभी भी सुनती हूं।
अभी हाल ही में मेरा सोनी लेबल के साथ एक सिंगल ‛जिया जैसे’ रिलीज हुआ है। ‛टाइगर 3’ के सॉन्ग ‛लेके प्रभु का नाम‛ के पहले मेरा ‛किंग’ के साथ एक सिंगल ‛हाय हुकु’ रिलीज हो चुका है। वह गाना अभी भी चार्टबस्टर में अपनी जगह बनाया हुआ है और लोगों का उसे भरपूर प्यार मिल रहा है। मैं नॉन फिल्मी गाने भी करती रहती हूं और मुझे गाने बनाना और गाना बहुत पसंद है। मुझे लगता है कि यह प्रक्रिया हर सिंगर के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है।
मैं मध्यप्रदेश के लोगों से मिलने के लिए काफी एक्साइटेड थी। मैं भोपाल पहले भी चुकी हूं लेकिन पहली बार खुरई कभी नहीं गई थी।खुरई महोत्सव जैसे बड़े आयोजन में परफॉर्म करने का मौका मिला हालांकि मैंने इसके बारे में बहुत सुन रखा था तो मैंबहुत खुश हूं कि दर्शकों ने मुझे इतना प्यार दिया और मेरे शो को ग्रैंड सक्सेस मिली। इसके लिए मैं दर्शकों और आयोजकों को धन्यवाद देती हूं।
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