
मेरी म्यूजिक जर्नी मेरे बेडरुम में यूट्यूब पर शुरु हुई थी। इसके बाद कई प्लेटफार्म पर गीत गाने का अवसर मिला। वैसे तो मेरी लाइफ में कई गाने अहम रहे हैं परंतु मुझे लगता है ‛जब कोई बात बिगड़ जाए’ मेरी लाइफ का टर्निंग प्वाइंट रहा है। मैं शुरु से केके और श्रेया घोषाल की बड़ी फैन रही हूं। श्रेया मेम ने मुझे बडिंग स्टार भी कहा था और उनका ये मोटिवेशन मुझे हमेशा आगे बढ़ाता रहा। यह कहना है सिंगर और एक्टर शर्ली सेतिया का। वह भोपाल में एक निजी कॉलेज में म्यूजिकल परफॉर्मेंस देने आई थी इस दौरान उन्होंने न्यूज़ वर्ल्ड से खास बातचीत में अपना संगीत में सफर साझा किया।
मम्मी की सख्ती से मेरी हिंदी हुई बेहतर
दमन मेरी जन्मस्थली है लेकिन आकलैंड (न्यूजीलैंड) में पढ़ाई और लालन-पालन होने के चलते आसपास के वातावरण में अंग्रेजी का ही प्रभाव रहता था।मेरे पैरेंट्स अपनी संस्कृति को खोना नहीं चाहते थे, ऐसे में उन्होंने घर में हिंदी में बात करना का नियम बनाया। विशेष तौर पर मेरी मम्मी इस पर काफी सख्त थीं, जिससे मेरी और मेरे भाई की हिंदी बेहतर होती गई और इसी नियम ने मुझे सिंगर बनाने में सहयोग किया।
लैंग्वेज कभी बैरियर नहीं होती
शर्ली कहती हैं कि टॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों में काम करने का मुझे मौका मिला है और लैंग्वेज कभी भी बैरियर नहीं होता है बस आपको अच्छे से परफॉर्मेंस करने आनी चाहिए।बॉलीवुड में टाइम का फर्क होता है क्योंकि टॉलीवुड में जहां सुबह 5 या सुबह 6 बजे शूटिंग स्टार्ट होती है तो वही मुंबई में नाइट शूट का ज्यादा ट्रेंड है। वैसे अब साउथ की फिल्में थिएटर में रिलीज हो रही है इसलिए पब्लिक चाहे नॉर्थ की हो या साउथ की अब सभी से कनेक्टिविटी बन रही है।
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