
हम लोग जिस भी प्रोफेशन में हो उसमें रहकर भी देश की सेवा कर सकते हैं। मैं एंटरटेनमेंट फील्ड में हूं इसलिए अपने किरदार के माध्यम से देश की सेवा कर सकती हूं, आप जर्नलिस्ट हो तो आप जो लिखते हो, उससे देश की सेवा कर सकते हो, हर एक इंसान अगर सोके कि वह देश की सेवा करना चाहता है तो मुझे लगता है कि हमारा देश बहुत तरक्की करेगा। बिजली बचा कर, कचरा रोड पर न फेंक कर, दहेज प्रथा को बढ़ावा न देकर, ट्रैफिक नियमों का पालन करके भी आप देशसेवा कर सकते हो। ऐसी ही छोटी-छोटी चीज करके भी आप देश हित में अपना सहयोग दे सकते हो। यह कहना है ‛द केरला स्टोरी’ ‛कमांडो 2’ ‛कमांडो 3’ ‛सेल्फी’ और ‛1920’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस ‛अदा शर्मा’ का। वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने भोपाल आई थी। इस दौरान ‛न्यूज़ वर्ल्ड’ बातचीत में उन्होंने अपने अभिनय का सफर साझा किया।
अगले जन्म में स्टार बनकर पूरी करूंगी ख़्वाहिशें
मैं अपने आप को बहुत लकी मानती हूं कि मुझे अलग-अलग तरह के किरदार करने को मिले हैं। मैंने हॉरर जॉनर से बॉलीवुड में डेब्यू किया, केरल स्टोरी जैसी ड्रामा फिल्म की, फिल्म कमांडो मूवी में एक्शन किया, बस्तर में एक्शन के साथ हैवी डायलॉग का कॉम्बो, सनफ्लावर में कॉमेडी का तड़का लगाया।मैं रोमांटिक फिल्में करना चाहती हूं और उम्मीद करती हूं कि मुझे इसी जन्म में रोमांटिक किरदार निभाने का मौका मिलेगा नहीं तो अगले जन्म में मैं स्टार किड बनकर पैदा हो जाऊंगी फिर मेरे लिए चुनना आसान होगा कि किस स्टार के साथ किस जॉनर की फिल्में करनी है। मैं उम्मीद करती हूं कि इसी जन्म में मेरी सारी ख्वाहिशें पूरी हो और इनके लिए मुझे अगले जन्म का इंतजार न करना पड़े।
आउटसाइडर्स को इंडस्ट्री में अच्छे रोल मिलना ही एक चैलेंज
मेरे लिए तो सारे ही रोल चैलेंजिंग हैं लेकिन अगर आप इंडस्ट्री से नहीं हो तो एक अच्छे प्रोजेक्ट में एक अच्छा रोल मिलना ही कितना बड़ा चैलेंज है,मैं बता ही नहीं सकती हूं फिर वो रोल चैलेंज लगता ही नहीं है क्योंकि उसके लिए तो हम कब से रुके हुए थे। मुझे अलग किरदार के लिए अपने को पुश करके बहुत खुशी होती है। मुझे मेहनत करना बहुत पसंद है बस वो मेहनत करने का सही मौका मिलना चाहिए।
मेरे हीरोइन बनने के पीछे कोई कहानी नहीं
मैंने इंडस्ट्री में बहुत सारी कहानियां सुनी है कि आप कॉफी शॉप में बैठे हैं और किसी ने फिल्म में रोल ऑफर कर दिया या फिर मिस इंडिया के लिए उनकी मम्मी ने जबरदस्ती फोटो भेज दिए और वह हीरोइन बन गई पर मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ, मेरी मम्मी ने मेरे फोटो जबरदस्ती कहीं नहीं भेजें।मैं स्कूल में बहुत अच्छी स्टूडेंट थी तो सबको लगता था कि मैं पढ़ाई में ही कुछ आगे करूंगी। मेरे स्कूल में एनुअल डे के मौके पर फिल्म एक्ट्रेस आशा पारेख जी और उनके मैनेजर आए थे। मैंने सरस्वती वंदना पर कत्थक डांस परफॉर्म किया था। प्रोग्राम के बाद आशा पारेख जी के मैनेजर ने मुझसे कहा कि आपको किसी डांस बेस फिल्म में हीरोइन बनना चाहिए। तब मैंने सोचा कि मुझे फिल्मों में ही हीरोइन बनना है हालांकि तब मैंने सोच समझ कर डिसीजन नहीं लिया था।
‛केरल स्टोरी मेरी लाइफ का टर्निंग प्वाइंट
केरल स्टोरी फिल्म मेरी लाइफ का टर्निंग प्वाइंट रही। उस फिल्म की सफलता के बाद लोग अभी भी मिलते हैं तो शुभकामनाएं देते हैं। वह किसी भी अभिनेत्री की मुख्य भूमिका वाली सबसे बड़ी फिल्म साबित हुई, जिसने 350 करोड़ रुपए से अधिक का बिजनेस किया है ।फिल्म एक कड़वी सच्चाई पर आधारित थी, जिसमें रोल निभाना कठिन था, लेकिन लोगों को यह विषय पसंद आया और हमने इसमें ज्यादा छेड़छाड़ नहीं की। फिल्म की सफलता और लोगों को मिले प्यार ने मुझे आत्मविश्वास से भर दिया।
मेरे लिए बाक्स आफिस के नंबर मायने नहीं रखते
मैं बाक्स आफिस नंबर की चिंता नहीं करती।'केरल स्टोरी' हो या 'बस्तर' दोनों समय हमारा लक्ष्य सिर्फ विषय के साथ न्याय करना और लोगों को जागरूक करना रहा है। मैं ये कह सकती हूं कि मेरे लिए ये दोनों ही फिल्में एक इमोशन है। 'द केरल स्टोरी' के समय मुझे प्रेशर फील हुआ था। वो पूरी कहानी सिर्फ और सिर्फ शालिनी यानी मेरे इर्द-गिर्द थी. मगर बस्तर में सब कलाकारों ने अच्छा काम किया है। हमारी कास्ट में ही 100 लोग हैं।
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