
‘मिर्जापुर: द मूवी’ के एक हिंसक दृश्य में ‘शूरवीर’ गाना इस्तेमाल किए जाने को लेकर इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि गाना उनकी अनुमति के बिना फिल्म में लगाया गया।
रैपरिया बालम ने एक्सेल एंटरटेनमेंट को कानूनी नोटिस भेजकर गाना हटाने, सार्वजनिक माफी मांगने और महाराणा प्रताप के नाम पर गांव में स्कूल बनवाने की मांग की है।
क्या है विवाद की वजह?
फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। इसके एक हिंसक सीन में ‘शूरवीर’ गाना सुनाई देता है। रैपरिया बालम के मुताबिक यह गीत महाराणा प्रताप की वीरता को समर्पित है, जबकि फिल्म में इसे मुन्ना भैया के हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स से जुड़े किरदार के साथ इस्तेमाल किया गया।
उनका कहना है कि इस तरह गाने को पेश करने से केवल कॉपीराइट का सवाल नहीं उठता, बल्कि महाराणा प्रताप और राजस्थानी संस्कृति से जुड़ी उनकी भावनाओं को भी ठेस पहुंचती है।
लीगल नोटिस में तीन मांगें
रैपरिया बालम ने नोटिस के जरिए फिल्म के मेकर्स के सामने तीन मांग रखी हैं:
- फिल्म से ‘शूरवीर’ गाना हटाया जाए।
- हिंसक दृश्य में महाराणा प्रताप को समर्पित गीत के इस्तेमाल पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
- गांव में महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनवाया जाए।
रैपरिया बालम खुद इस गाने को कंपोज करने के साथ इसकी आवाज भी दे चुके हैं।
कॉपीराइट को लेकर अलग-अलग दावे
रैपरिया बालम का दावा है कि ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट उनके पास हैं। दूसरी तरफ, गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे को खारिज किया है। विवाद के दौरान कंपनी ने ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स को गाने के अधिकार भी दिए हैं।
रैपरिया बालम के भाई के अनुसार, गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर मौजूद है, लेकिन उससे संबंधित कॉपीराइट दस्तावेज उनके परिवार के पास हैं। उनका कहना है कि फिल्म में गाने के इस्तेमाल से पहले उनसे अनुमति लेना जरूरी था।
पार्टनरशिप और NOC को लेकर क्या कहा गया?
रैपरिया बालम के भाई ने बताया कि उनका ट्रूपर रिकॉर्ड्स के साथ पहले कामकाजी संबंध था। दस्तावेजों में रैपरिया बालम पार्टनर नहीं थे, लेकिन वह कंपनी के साथ काम कर रहे थे।
उनके मुताबिक, समझौते में कुछ वर्षों के बाद रैपरिया बालम के रिकॉर्ड्स में कानूनी रूप से 50% पार्टनर बनने की बात थी। मगर पार्टनरशिप पूरी होने से पहले ही ‘शूरवीर’ रिलीज हो गया।
परिवार का दावा है कि ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल के लिए बनाए गए गानों का रैपरिया बालम को भुगतान नहीं मिला। बाद में पार्टनरशिप की बातचीत शुरू हुई तो मामला आगे नहीं बढ़ा और इन गानों के संबंध में कोई NOC भी साइन नहीं हुई।
‘शूरवीर’ के कॉपीराइट पर परिवार का दावा
रैपरिया बालम के भाई के अनुसार, बाद में उन्होंने अपना चैनल शुरू किया और गानों के कॉपीराइट अपने वास्तविक नाम अशोक मंडा से हासिल किए।
परिवार का कहना है कि ‘शूरवीर’ से संबंधित सभी कॉपीराइट दस्तावेज अशोक मंडा के नाम पर हैं। इसके बाद ‘शूरवीर’ सीरीज के लिए 9-10 और गाने तैयार किए गए, जिनके कॉपीराइट सर्टिफिकेट भी उनके पास होने का दावा किया गया है।
लेखक की ओर से NOC मौजूद होने की बात भी परिवार ने कही है।
गाने को हिंसक सीन में रखने पर क्यों आपत्ति?
रैपरिया बालम के अनुसार, ‘शूरवीर’ सीरीज का उद्देश्य बच्चों को संगीत के माध्यम से भारतीय इतिहास और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में बताना था। इसलिए उनका कहना है कि इस गीत को गोलीबारी और हिंसा वाले दृश्य के बैकग्राउंड में इस्तेमाल करना उसके मूल उद्देश्य से बिल्कुल अलग है।
उनके भाई ने कहा कि ये गाने व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं बनाए गए थे। परिवार का मकसद अगली पीढ़ी को भारतीय इतिहास से जोड़ना और रैप संगीत के माध्यम से बच्चों तक ऐतिहासिक नेताओं की कहानियां पहुंचाना था।
मुन्ना भैया के किरदार से जुड़ी आपत्ति
परिवार ने खास तौर पर मुन्ना भैया के किरदार के साथ गाने के इस्तेमाल पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि फिल्म में किरदार को गाली देते, हिंसा करते और ड्रग्स लेते दिखाया गया है और उसी के साथ महाराणा प्रताप को समर्पित गीत लगाया गया।
परिवार के मुताबिक, इससे किसी बच्चे के मन में मुन्ना भैया जैसे काल्पनिक किरदार और महाराणा प्रताप के बीच गलत संबंध बन सकता है। उनका मानना है कि इससे ऐतिहासिक व्यक्तित्व को लेकर गलत धारणा पैदा होने की आशंका है।
मेकर्स पर भी उठाए सवाल
रैपरिया बालम के परिवार का कहना है कि फिल्म के निर्माताओं को गाना इस्तेमाल करने से पहले उसके अधिकारों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए थी।
उनके अनुसार, एक्सेल एंटरटेनमेंट की एक बड़ी गलती यह रही कि महाराणा प्रताप को समर्पित गीत को ऐसे किरदार के दृश्य में इस्तेमाल किया गया, जिसे फिल्म में हिंसक और आपराधिक गतिविधियों से जोड़ा गया है।
फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क की कोशिश
रैपरिया बालम और उनके परिवार ने फिल्म के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से सीधे संपर्क करने की कोशिश की।
परिवार के अनुसार, फरहान अख्तर की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। रितेश सिधवानी की टीम ने उनसे संपर्क करने की बात कही, लेकिन परिवार का कहना है कि वह किसी टीम के बजाय दोनों प्रोड्यूसर्स से सीधे बातचीत करना चाहता है।
परिवार यह जानना चाहता है कि ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस तरह इस्तेमाल करने का फैसला क्यों लिया गया।
गाना हटाने पर परिवार का रुख साफ
रैपरिया बालम का परिवार चाहता है कि ‘शूरवीर’ को फिल्म से हटा दिया जाए। उनका कहना है कि यह गीत ‘मिर्जापुर’ के लिए नहीं बनाया गया था और उसके मौजूदा इस्तेमाल से उनकी भावनाओं तथा उस विचारधारा को नुकसान पहुंच रहा है जिसके तहत यह सीरीज बनाई गई थी।
परिवार ने साफ किया है कि वह किसी भी कीमत पर फिल्म में इस गाने के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देगा।
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