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आप सिंगिंग को नहीं बल्कि सिंगिंग आपको चुनती है : श्रद्धा पंडित

08 जून, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
आप सिंगिंग को नहीं बल्कि सिंगिंग आपको चुनती है : श्रद्धा पंडित

आप सिंगिंग को नहीं बल्कि सिंगिंग आपको चुनती है : श्रद्धा पंडित

Deepak Singh
डेस्क रिपोर्टर
Deepak Singh

अगर आप सिंगर बनने की कोशिश कर रहे हैं और ठीक-ठाक सिंगर बन गए हैं तो इसका मतलब है कि ये ही आपकी डेस्टिनी थी। सिंगिंग एक ब्लेसिंग है, इसे चुना नहीं जा सकती, यह आपको चुनती है। यह कहना है ‛पहली पहली बार बलिये’ ‛पानी वाला डांस’ ‛स्वीटी तेरा ड्रामा’ ‛तुझे भूल जाना’ ‛आज रात का सीन बना ले’ जैसे गानों से पार्टी की शान बन चुकीं बॉलीवुड सिंगर श्रद्धा पंडित का। वह एक निजी कार्यक्रम में अपनी संगीत में प्रस्तुति देने भोपाल पहुंची थी। इस दौरान ‛न्यूज वर्ल्ड’ से खास बातचीत में उन्होंने अपना संगीतमय सफर साझा किया।


संघर्ष ही तो जीवन का दूसरा नाम है

अपने संगीतमय सफर के संघर्ष को लेकर उनका कहना है कि जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष है। संघर्ष तो हर चीज में है,एजुकेशन में है,शादी को निभाने में संघर्ष है। पैरेंट्स बुजुर्ग हो जाए तो उनकी देखभाल को लेकर संघर्ष है। मेरा संघर्ष भी वैसा ही रहा है। हां, लेकिन न बहुत एडवांटेज मिले, न ही डिसएडवांटेज,बहुत बैलेंस्ड करियर रहा। मैं इससे संतुष्ट हूं कि मेरे करियर की शुरुआत की बात करूं तो पहला गाना मैंने तब गाया, जब मैं क्लास 7 में थी। तब संजय लीला भंसाली जी की फिल्म - खामोशी - द म्यूजिकल आई थी। उसमें मनीषा कोइराला के बचपन का किरदार जिस लड़की ने निभाया था, उसके लिए मैंने गाना गाया। मैंने कविता कृष्णमूर्ति जी के साथ ‛मौसम के सरगम को सुन’ गाना गाया था। बड़े ब्रेक की बात करूं तो मैंने किसी हीरोइन के लिए पहला गाना संघर्ष फिल्म में गाया था। वह था ‛पहली-पहली बार बलिये’  ये प्रीति जिंटा पर फिल्माया गया था। उसके बाद से मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।


टीआरपी के लिए शोज में इमोशनल फैक्टर डाले जाते

जब मैंने शुरुआत की थी, तब कोई रियेलिटी शो नहीं होते थे। आज इतने सारे रियेलिटी शो चल रहे हैं और ये अपना टैलेंट दिखाने का बहुत बढ़िया प्लेटफॉर्म है। अगर ये नहीं होता तो लोगों को कैसा पता चलेगा कि गांव का कोई लड़का इतना अच्छा गाता है, पंजाब के पिंड की कोई लड़की की आवाज इतनी सुरीली है। हां, ये जरूर है कि टीआरपी के लिए शोज में इमोशनल फैक्टर डाले जाते हैं, लेकिन ये भी शो को चलाने का एक तरीका है। कुछ ऑडियंस को ये सब भी पसंद है। अगर ऑडियंस इसे नापसंद करे, इसे बॉयकॉट करे तो चैनल वाले भी ये सब दिखाना बंद कर देंगे। जैसे कि कई गानों को लोग चीप कहते हैं और बंद करने को कहते हैं। मेरा कहना है कि चीप है तो आप उसे सुने ही नहीं। फिर ऐसे गाने बनने भी बंद हो जाएंगे।


अभी तक पसंदीदा गाने का इंतजार है मुझे

आपका अपना पसंदीदा गाना कौन-सा है, इस सवाल के जवाब में श्रद्धा ने कहा कि मैं खुशनसीब हूं कि मुझे अभी तक काफी अच्छे गाने मिले हैं। क्लबी गाने गाए हैं, रोमांटिक गाने भी गाए हैं, लेकिन अभी भी बहुत कुछ है, जो मैंने नहीं गाया है। बतौर सिंगर मैं जिस गाने में अपना टैलेंट दिखाना चाहती हूं, वो अभी नहीं गाया है। जब मैं वो गाना गा लूंगी तब बताऊंगी कि मेरा फेवरेट गाना कौन-सा है।

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