सोमवार, 20 अप्रैल 2026
Logo
Health

सामान्य कोलेस्ट्रॉल भी नहीं सुरक्षित: 70% मरीजों में बढ़ा बैड कोलेस्ट्रॉल, युवाओं में तेजी से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा

20 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सामान्य कोलेस्ट्रॉल भी नहीं सुरक्षित: 70% मरीजों में बढ़ा बैड कोलेस्ट्रॉल, युवाओं में तेजी से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

अगर आप सोचते हैं कि आपका कोलेस्ट्रॉल सामान्य है, तो आप पूरी तरह सुरक्षित हैं—तो सावधान हो जाइए। नई रिपोर्ट्स बता रही हैं कि सामान्य रिपोर्ट के बावजूद हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। असल खतरा अब “गुड” और “बैड” कोलेस्ट्रॉल के असंतुलन में छिपा है…


सामान्य रिपोर्ट, फिर भी खतरा क्यों?

अस्पतालों में हर महीने करीब 3000 मरीज हार्ट जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से 35-40% मरीजों का कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य पाया गया, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि उनमें से करीब 70% में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) ज्यादा मिला। यानी सिर्फ “टोटल कोलेस्ट्रॉल” देखना अब भ्रामक साबित हो रहा है।


गुड vs बैड कोलेस्ट्रॉल: फर्क समझना जरूरी

High-Density Lipoprotein (HDL) यानी गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर की धमनियों से खराब फैट को हटाने में मदद करता है। वहीं Low-Density Lipoprotein (LDL) धमनियों में जमकर ब्लॉकेज पैदा करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। यही असंतुलन आज सबसे बड़ी चिंता बनता जा रहा है।


युवाओं में तेजी से बढ़ रही समस्या

पहले यह परेशानी उम्रदराज लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब 30-40 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। जंक फूड, तनाव, कम एक्सरसाइज और अनियमित लाइफस्टाइल इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। यानी यह सिर्फ बुजुर्गों की नहीं, हर उम्र के लोगों की समस्या बन चुकी है।


सिर्फ टोटल कोलेस्ट्रॉल देखना क्यों खतरनाक?

डॉक्टरों के मुताबिक अगर आपका कुल कोलेस्ट्रॉल सामान्य है, लेकिन LDL ज्यादा और HDL कम है, तो खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में धमनियों में प्लाक जमने लगता है, जिससे ब्लॉकेज बनता है और अचानक हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। यानी “नॉर्मल रिपोर्ट” भी कई बार भ्रम पैदा कर सकती है।


खतरे के संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें

- सीने में दर्द या भारीपन

- सांस फूलना

- जल्दी थकान या चक्कर

- गर्दन, हाथ या जबड़े में दर्द


ये संकेत शरीर पहले ही दे देता है—जरूरत है इन्हें समय रहते पहचानने की।


कितना होना चाहिए बैड कोलेस्ट्रॉल?

- सामान्य व्यक्ति: 100-125 mg/dL

- हाई बीपी मरीज: 100 से कम

- डायबिटीज/बीपी: 70 से कम

- आनुवांशिक जोखिम: 50 से कम

- हार्ट सर्जरी के बाद: 50 से कम


यानी हर व्यक्ति के लिए लक्ष्य अलग है—और यही फर्क समझना जरूरी है।


क्यों बढ़ रहा है बैड कोलेस्ट्रॉल?

- तला-भुना और जंक फूड

- शारीरिक गतिविधि की कमी

- धूम्रपान और शराब

- मोटापा और डायबिटीज

- तनाव और खराब दिनचर्या

- जेनेटिक कारण


इन आदतों को नजरअंदाज करना सीधे दिल पर असर डाल सकता है।


बचाव के आसान लेकिन जरूरी उपाय

- नियमित लिपिड प्रोफाइल जांच कराएं

- हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज बढ़ाएं

- रोजाना 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें

- तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें

- धूम्रपान और शराब से दूरी रखें


एक्सपर्ट की चेतावनी

एमवायएच के कार्डियोलॉजी विभाग के अनुसार, आज 100 में से करीब 70 मरीजों में यह असंतुलन देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर डायबिटीज और बीपी मरीजों को LDL को 70 से नीचे रखना जरूरी है, जबकि हार्ट अटैक के बाद यह और कम होना चाहिए।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें