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डेस्क रिपोर्टर
आज कल की लाइफ स्टाइल में डार्क सर्कल की समस्या होना काफी आम है। उम्र के साथ साथ डार्क सर्कल होना तो सामान्य है पर अब छोटे बच्चों में भी डार्क सर्कल की समस्या देखी जा रही है। बड़ों की तुलना में बच्चों को डार्क सर्कल कम होता है। बच्चों में डार्क सर्कल जैसी समस्या बहुत ही सामान्य कारणों की वजह से होती है। वहीं यह डार्क सर्कल आमतौर पर अस्थायी होते हैं जो समय के हिसाब से ठीक भी हो जाते हैं। डार्क सर्कल होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे देर तक जागना, पोषक तत्वों की कमी या फिर अधिक स्क्रीन देखना।
बच्चों की स्किन काफी नाजुक होती है। जिसके कारण आंखों के आसपास बैंगनी या फिर नीली नसें दिखाई देती हैं। जो देखने में डार्क सर्कल जैसी ही नजर आती है। तो आइए जानते हैं बच्चों को डार्क सर्कल होने का क्या कारण हो सकते है।
हेल्थलाइन कि माने तो बच्चों में डार्क सर्कल होने का अहम कारण जेनेटिक प्रॉब्लम होती है। कई बार फैमिली मैंबर्स को डार्क सर्कल्स होने की समस्या होती है जो वक्त के साथ बच्चे में भी ट्रांसफर हो जाती है।
वहीं हर बच्चे के सोने का अलग अलग रुटीन होता है। कई कई बच्चे जल्दी सोना भी पसंद करते हैं तो कुछ नाइट आउल करते है। उन्हें देर तक जागना पसंद होता है। सामान्य तौर पर देखा जाएगा तो 7 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त होती है। पर जब बच्चें इससे कम नींद लेते है, तो भी डार्क सर्कल जैसी समस्या होती है।
अगर आपका बच्चा सोते हुए खर्राटे लेता है। तो बच्चों को खर्राटे आमतौर पर एडेनोइड्स नामक सामान्य लिम्फ नोड्स के बड़े होने की वजह से आते हैं। यह लिम्फ नोड्स टॉन्सिल के ठीक उपर नाक के पीछे पाए जाते है। यह बड़े लिम्फ नोड्स भी डार्क सर्कल होने की वजह हो सकती है।
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