
आयुर्वेद में सितोपलादि को एक बेहद खास नुस्खे के रूप में जाना जाता है। महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों से बना यह चूर्ण, आपकी सेहत के लिए तमाम रूपों में फायदेमंद साबित हो सकता है। खासकर ठंड में यह इम्यूनिटी को बढ़ावा देने और सर्दी खांसी को ठीक करने में मदद करता है। सितोपलादि को खांसी का एक रामबाण इलाज माना जाता है।
हालांकि, यह आसानी से बाजार में उपलब्ध होता है, पर घर के बिना मिलावट वाले सितोपलादि के अपने खास फायदे हैं। तो इस सर्दी इसे खुद से घर पर तैयार करें। यह सर्दी में आपकी बॉडी को संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करेगा।
सितोपलादि चूर्ण बनाने की रेसिपी
इसे बनाने के लिए आपको चाहिए:
80 ग्राम वंक्षलोचन (बांस के पेड़ का सफ़ेद भाग)
150 ग्राम मिश्री (क्रिस्टल मिश्री)
40 ग्राम इलायची
20 ग्राम दालचीनी
10 ग्राम काली मिर्च
10 ग्राम पिप्पली
जानें कैसे तैयार करना है सितोपलादि
सबसे पहले मिश्री को पाउडर के फॉर्म में कर लें।
फिर वंक्षलोचन और पिप्पली को भी पीस लें।
इसके बाद छोटी इलायची को छिल कर इलायची के दानों को अलग कर लें।
अब दालचीनी के साथ इलायची दानों को मिलाएं और इन्हें पिस लें।
अब सभी पीसी हुई चीजों को एक साथ मिला लें।
इस मिश्रण को एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करके रखें।
जानें सितोपलादि चूर्ण के फायदे
1. श्वसन स्वास्थ्य को बढ़ावा देना
2. पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखने
3. सूजन कम करने
4. एनीमिया का इलाज करता है
5. ब्लड शुगर लेवल रहता है नियंत्रित
6. इम्युनिटी बूस्ट करेने के लिए
7. त्वचा स्वास्थ्य में सुधार करता है
जानें कैसे लेना है सितोपलादि चूर्ण
1. शहद के साथ: 1 से 2 चम्मच सितोपलादि चूर्ण को 1-2 चम्मच शहद के साथ मिलाएं। इसे दिन में दो या तीन बार लेना है।
2. गर्म पानी के साथ: 1 से 2 चम्मच सितोपलादि चूर्ण को गर्म पानी में मिला लें। इसका दिन में दो या तीन बार सेवन करें।
3. दूध के साथ: 1 से 2 चम्मच सितोपलादि चूर्ण को गर्म दूध में मिलाएं। इसका दिन में दो या तीन बार सेवन करें।
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