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डेस्क रिपोर्टर
चिलचिलाती गर्मी, तेज धूप, पसीना और उमस से राहत पहुंचाने वाला सर्दी का मौसम आ गया है। यह साल का वो वक्त होता है जब लोग ठंडी हवाओं और कोहरे का आनंद लेते हुए कई कप अदरक की चाय और कॉफी पी जाते हैं। ठंड का मौसम गर्मी से राहत तो देता ही है, लेकिन इस में कई तरह कि बीमारियों और इंफेक्शन का ख़तरा बना रहता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि, पर्यावरण के ठंडा होने के साथ-साथ शरीर की गर्मी भी काम होती है कभी-कभी, हमारे शरीर को नई जलवायु कि परिस्थितियों के साथ तालमेल रखने में थोड़ा वक्त लगता है, जिससे कई लोगों को सर्दियों में तरह तरह कि बीमारी होने का खतरा रहता है।
क्या होती है यह बीमारियां
ज़ुकाम और बुख़ार होना
खांसी और सर्दी इस मौसम में बहुत आम बीमारी है, जिसमे लोग काफी आसानी से इसका शिकार हो जाते हैं। एक्पर्ट्स की माने तो, बदलते मौसम और किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह ज्यादातर होता है और इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर सीधा पडता है। नाक बंद, कमज़ोरी, सिरदर्द, छींकना, खांसी, शरीर में दर्द आदि सर्दी और फ्लू के कुछ सबसे आम लक्षण है।
टॉन्सिल्स होना
हमें टॉन्सिल तब होता हैं, जब हमारे गले के पीछे दो अंडाकार आकार के टिशू पैड्स सूज जाते है इसी सूजन के कारण टॉन्सिल बढ़ जाते हैं, जिससे गले में जलन और दर्द होने लगता है। जिसकी कारण खाना खाने या पानी पीने में तकलीफ होती है।
कान में इंफेक्शन
सर्दियों के मौसम में अधिक ठंड और नमी के कारण कान के इफेक्शन होने का डर रहता है। कान का संक्रमण सर्दी के मौसम में एक आम समस्या है, जो रातों-रात भी हो जाती है। इसलिए यह ज़रूरी है कि इसकी जल्द ही पहचान करना जरूरी है। कान का बंद हो जाना या खुजली होना यह सब भी सर्दी से संबंधित समस्या का प्राथमिक लक्षण होते है।
जोड़ों में दर्द होना
सर्दियों के मौसम में जोड़ों के दर्द होने के पीछे इसके किसी तरह की वैज्ञानिक और चिकित्सा प्रमाण नहीं है। लेकिन कई लोग इसे है जो इससे पीड़ित रहते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में वायुमंडलीय दबाव में गिरावट के साथ साथ शरीर में 'पेन रिसेप्टर्स' ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं। जिसके कारण टिशूज़ में सूजन होने लगती है और जोड़ों में दर्द होने शुरू हो जाता है।
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