
भोपाल। प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत और मांग दोनों तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर जले हुए (बर्न)और ट्रॉमा के मरीजों के मामले में। बावजूद उसके अभी भी आम लोगों में प्लास्टिक सर्जरी के प्रति जानकारी का अभाव है। बहुत सारे डॉक्टर को भी प्लास्टिक सर्जरी के बारे में गहराई से जानकारी नहीं है। प्लास्टिक सर्जरी का आशय बहुत सारे लोग कॉस्मेटिक सर्जरी से ही लगते हैं। जबकि ऐसा नहीं है प्लास्टिक सर्जरी का दायरा बहुत बड़ा है। इस संबंध में पुष्पांजलि हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, आगरा के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. मनीष शर्मा से न्यूज़ वर्ल्ड अपने खास बातचीत की...
प्रश्न : आपने प्लास्टिक सर्जन ही बनना क्यों चाहा?
जवाब - प्लास्टिक सर्जरी के बारे में लोगों को अभी भी बहुत कम जानकारी है। डॉक्टर भी कम जानते हैं कि प्लास्टिक सर्जन आखिर कर क्या रहे हैं। प्लास्टिक सर्जरी के मुख्य रूप से दो भाग हैं। रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और कॉस्मेटिक सर्जरी। रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में जले हुए (बर्न वाले) और कैंसर मरीजों का इलाज करते हैं। जीभ बनाना, गाल बनाना, जबड़ा बनाना रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी का काम है।
प्रश्न : प्लास्टिक सर्जरी को सौंदर्य बढ़ाने से जोड़ा जाता है, क्या यह जिंदगी बचाने का भी जरिया है?
जवाब - जले हुए मरीजों के लिए ठीक होने बाद भी समाज में सर्वाइव करना चुनौतीपूर्ण होता है। उनके अंदर जो विकृतियों आ जाती हैं, उसको ठीक करना अपने आप में एक बहुत बड़ा काम होता है। छोटे बच्चे जिनके तालु और होंठ कटे होते हैं, उनको जीवन की मुख्य धारा से जोड़ पाना एक बड़ा काम होता है। प्लास्टिक सर्जरी का आशय महज कॉस्मेटिक सर्जरी नहीं है बल्कि कॉस्मेटिक सर्जरी इसका एक पार्ट है। मशीन में काम करने वाले कर्मचारियों के हाथ या उंगली कट जाने पर उन्हें फिर से जोड़ना महत्वपूर्ण काम होता है। यह हम कर भी रहे हैं और काफी हद तक सफलता भी मिल रही है।
प्रश्न : किस तरह के मरीजों में प्लास्टिक सर्जरी की सर्वाधिक जरूरत होती है?
जवाब - सबसे ज्यादा एक्सीडेंट वाले मरीज को प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत होती है। जिनके घाव नहीं भरते। वहीं, ट्रॉमा वाले मरीजों को ठीक करने के लिए बाकी डॉक्टर के साथ प्लास्टिक सर्जन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मरीज के चेहरे की हड्डी टूट जाने और हड्डी टूट जाने के बाद घाव न भरने की स्थिति में प्लास्टिक सर्जरी की जाती है।
प्रश्न : क्या प्लास्टिक सर्जरी की पहुंच आम लोगों तक हो पाई है या नहीं?
जवाब - अभी भी प्लास्टिक सर्जरी के प्रति जागरूकता फैलाने की जरूरत है। ज्यादातर लोगों को प्लास्टिक सर्जरी के बारे में जानकारी नहीं होती और वह किसी न किसी डॉक्टर के जरिए ही प्लास्टिक सर्जन के पास तक पहुंचते हैं। सीधे मैरिज बहुत कम आते हैं, आते भी हैं तो कॉस्मेटिक सर्जरी वाले। एक धारणा बनी हुई है कि प्लास्टिक सर्जन मतलब कॉस्मेटिक सर्जरी करने वाला। बहुत सारे डॉक्टरों को भी यह चीज पता नहीं होती कि प्लास्टिक सर्जन क्या-क्या कर रहे हैं।
प्रश्न : प्लास्टिक सर्जरी करने से पहले मरीज में आप किन चीजों का मूल्यांकन करते हैं?
जवाब - प्लास्टिक सर्जरी में समय बहुत अधिक लगता है। कोई जलने का मरीज है, पहले तो उसे जलने के डर से बाहर निकलना होता है। इसके बाद कई महीनों तक मरीज की फिजियोथैरेपी होती है। सही होने के बाद ऑपरेशन होते हैं। इसलिए मानसिक रूप से भी प्लास्टिक सर्जन को मैरिज से जुड़ना पड़ता है। मरीज को मोटिवेट करने के लिए कई बार मनोवैज्ञानिकों का भी सहारा लेना पड़ता है।
प्रश्न : जिस चीज की हम प्लास्टिक सर्जरी करते हैं, क्या वह स्थाई होती है या समय के साथ उसमें बदलाव भी आते हैं?
जवाब - बहुत सारी बदलाव आते हैं। जैसे हम कॉस्मेटिक सर्जरी की बात करें तो ब्रेस्ट इंप्लांट, ब्रेस्ट लिफ्ट सर्जरी और राइनो प्लास्टी की। राइनो प्लास्टी काफी हद तक स्थाई है, लेकिन जिसमें हम इम्प्लांट लगाते हैं, उसमें समय के साथ बहुत बदलाव आते हैं। उसमें रिपीट सर्जरी करने की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, जो आजकल ट्रेडिंग में चल रहे हैं, जैसे- बोटॉक्स या फिलर है, यह नॉर्थ सर्जिकल एसथेटिक सर्जरी है, इसमें ऑपरेशन की जरूरत नहीं है। ओपीडी प्रोसेस होता है। इसमें इंजेक्शन लगाते हैं और कुछ फिलर लगाते हैं। इनको कुछ समय के बाद रिपीट करना पड़ता है।
प्रश्न : आपके पास ट्रॉमा के साथ सौंदर्य बढ़ाने वाले मरीज भी आते होंगे, अधिक संतुष्टि किसमें मिलती है?
जवाब - व्यक्तिगत रूप से मुझे रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी में किसी को एक बेहतर लाइफ देने में अधिक संतुष्टि मिलती है बजाय इसके की किसी की सुंदरता बढ़ाने में। इसमें चिकित्सक का अपना अलग मत हो सकता है।
प्रश्न: प्लास्टिक सर्जरी एक आम परिवार के मरीज के लिए कितनी अफॉर्डेबल है?
जवाब- रिकंस्ट्रक्टिव या बर्न सर्जरी में इलाज का खर्च उसकी अवधि लंबी होने की वजह से बढ़ता है, ऐसा नहीं है कि यह आम आदमी की पहुंच से बाहर है। हां, कॉस्मेटिक सर्जरी जरूर महंगी होती है, उसमें जो इंप्लांट होते हैं वह महंगे होते हैं। बर्न वाले मरीजों की सहायता के लिए कई संस्थाएं आगे आई हैं।
प्रश्न: प्लास्टिक सर्जन बनने के प्रति कितना रुझान दिख रहा है?
जवाब- इस समय प्लास्टिक सर्जन बनने के लिए अच्छा रुझान देखने के लिए मिलना है। प्लास्टिक सर्जरी की मांग लगातार बढ़ रही है। कैंसर के मरीज इलाज के बाद पहले जैसा दिखना चाहते हैं, इसलिए वह प्लास्टिक सर्जरी कराते हैं।
प्रश्न: क्या ट्रांसजेंडर भी प्लास्टिक सर्जरी के लिए आप तक पहुंच रहे हैं?
जवाब- आजकल ट्रांसजेंडर को लेकर ट्रेंड काफी बढ़ रहा है। उसके प्रति जागरूकता भी आ रही है। पुरुष से महिला और महिला से पुरुष की सर्जरी बढ़ रही है। एक सामाजिक व्यवस्था की वजह से यह लोग बहुत जल्दी आगे नहीं आते। उनके लिए हमने काफी कैंप भी लगाए। यह लोग अपने आप में एक जिंदगी के साथ जूझ रहे हैं। जितने लोगों की हमने सर्जरी की उसके बाद जो फीडबैक मिला, वाकई लोगों को इसकी जरूरत है, सर्जरी के बाद यह लोग काफी अच्छा महसूस करते हैं। अभी एक महिला से पुरुष की सर्जरी की, उसके बहुत अच्छे रिजल्ट सामने आए।
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