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विश्व लिवर डे : लिवर को चुपके-चुपके बीमार बना रही है आपकी ये 5 आदतें, समय रहते संभलें वरना खतरा तय!
19 अप्रैल, 2025 0 व्यूज 4 मिनट पढ़ाई
विश्व लिवर डे : लिवर को चुपके-चुपके बीमार बना रही है आपकी ये 5 आदतें, समय रहते संभलें वरना खतरा तय!

विश्व लिवर डे : लिवर को चुपके-चुपके बीमार बना रही है आपकी ये 5 आदतें, समय रहते संभलें वरना खतरा तय!

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

कभी सोचा है कि वो कौन-सा अंग है जो दिन-रात बिना थके आपके शरीर की सुरक्षा, सफाई और ऊर्जा का ख्याल रखता है? जी हां — लिवर, जिसे शरीर की आंतरिक प्रयोगशाला कहा जाता है। 500 से ज्यादा अहम काम करने वाला ये अंग न केवल खून को साफ करता है, बल्कि पाचन, ऊर्जा भंडारण, प्रोटीन संश्लेषण और विषैले पदार्थों को निष्क्रिय करने जैसे कार्य भी करता है। लेकिन अफसोस! आज की भागदौड़ भरी और लापरवाह जिंदगी में यही सबसे ज्यादा उपेक्षित और पीड़ित अंग बन गया है।


सिर्फ शराब ही नहीं, ये आदतें भी बना रही हैं लिवर को बीमार

अक्सर माना जाता है कि लिवर की बीमारियों का मुख्य कारण शराब है। जबकि हकीकत कहीं ज्यादा खतरनाक और व्यापक है। नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD), जिसे अब मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (MAFLD) कहा जाता है, आज एक वैश्विक महामारी बन चुकी है। मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल, तनाव, नींद की कमी और जंक फूड इसकी मुख्य वजहें हैं।

तली-भुनी चीजें, शुगरी ड्रिंक्स और फास्ट फूड लिवर में वसा जमा करते हैं। यह बीमारी अब शराब नहीं पीने वालों में भी तेजी से बढ़ रही है। लीन नॉन-अल्कोहोलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (Lean NASH) यानी दुबले-पतले लोगों में भी लिवर में चर्बी जमा हो रही है, जो बेहद खतरनाक संकेत है।


भारत में फैटी लिवर: हर तीसरा वयस्क और हर तीसरा बच्चा इसकी चपेट में

एम्स और एसजीपीजीआई के मेटा-विश्लेषण के अनुसार, भारत में 38.6% वयस्क और 35.4% बच्चे फैटी लिवर से ग्रसित हैं। हैरानी की बात यह है कि यह बीमारी अब गांवों में भी तेजी से फैल रही है। शहरी क्षेत्रों में जहां 40% लोग प्रभावित हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में भी 29% लोग इसकी चपेट में हैं।


कैसे पहचानें लिवर की परेशानी?

इस बीमारी के लक्षण इतने मामूली होते हैं कि लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं —

हमेशा थकान रहना

पेट के दाईं ओर भारीपन

भूख कम लगना

बिना वजह वजन घटना

अगर आपको भी ऐसे लक्षण महसूस हों, तो लिवर टेस्ट जरूर कराएं।


लिवर को कैसे रखें स्वस्थ?

अच्छी खबर यह है कि लिवर की देखभाल करना मुश्किल नहीं। बस कुछ आदतें बदलनी होंगी —

हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम वसा वाले प्रोटीन को आहार में शामिल करें।

तली-भुनी चीजें, मिठाई और कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।

ब्लैक कॉफी और ग्रीन टी सीमित मात्रा में फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या साइक्लिंग करें।

5-10% वजन घटाने से लिवर में बड़ा सुधार हो सकता है।

पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन पर ध्यान दें।


सरकारी और सामुदायिक प्रयास भी ज़रूरी

भारत सरकार ने NPCDCS (नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, कार्डियोवस्कुलर डिजीजेज एंड स्ट्रोक) के तहत लिवर रोगों को शामिल कर इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। साथ ही, स्कूलों में हेल्दी लाइफस्टाइल की शिक्षा, ऑफिस में फिजिकल एक्टिविटी का माहौल और नियमित हेल्थ चेकअप कैंप जैसे सामूहिक प्रयास भी जरूरी हैं।

खाद्य नीतियों में सुधार, प्रोसेस्ड फूड और शुगर प्रोडक्ट्स पर टैक्स बढ़ाना और हेल्दी विकल्पों को सस्ता बनाना भी बेहद जरूरी है।


लिवर बचाइए, जीवन सजाइए!

लिवर वो सिपाही है जो बिना शोर किए हमारे शरीर के लिए दिन-रात काम करता है। अगर आपने इसकी अनदेखी की, तो शरीर का पूरा सिस्टम गड़बड़ा सकता है। आज ही सजग बनें, अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान दें। क्योंकि स्वस्थ लिवर = स्वस्थ जीवन।

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