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बीत गया एक और हॉकी विश्व कप, भारतीय टीम 9 दिनों में चली सिर्फ अढ़ाई कोस

बीत गया एक और हॉकी विश्व कप, भारतीय टीम 9 दिनों में चली सिर्फ अढ़ाई कोस

@सुनयन चतुर्वेदी

भुवनेश्वर। हॉकी का वर्ल्ड चैंपियन बनने की भारतीय उम्मीद रविवार को टूट गई। न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को हराकर करोड़ो भारतीयों की इन उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। भारतीय टीम हॉकी वर्ल्ड कप 2023 से बाहर हो चुकी है। 47 साल के इस सूखे को भारतीय टीम इस बार भी समाप्त नहीं कर सकी।


अंतिम 8 में भी जगह नहीं बन सकी

भारत अब तक सिर्फ़ एक बार ही हॉकी विश्व कप जीता सका है। 1975 में मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित पुरुष हॉकी विश्व कप में भारतीय हॉकी टीम ने उसके सबसे चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर अपना नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों पर दर्ज करवाया था। इस बार वर्ल्ड कप भारत मे था, सभी को उम्मीद थी कि भारत 1975 का वो इतिहास फिर दोहराएगा, लेकिन भारतीय टीम 9 दिन में सिर्फ अढ़ाई कोस ही चल पाई और अंतिम 8 में भी अपनी जगह नहीं बना सकी।


अब तक सिर्फ एक बार चैंपियन

भारत आज तक आयोजित पुरुष हॉकी विश्व कप के सभी 15 संस्करणों का हिस्सा रहा है। इस बार भुवनेश्वर और राउरकेला में चल रहे विश्व कप में मेज़बानी तो कर रहा है, लेकिन भारतीय टीम का सफर इस विश्व कप में अब समाप्त हो चुका है और उसे एक बार फिर हार का मुह देखना पड़ा। अब तक 15 बार हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन हो चुका है जिसमें 8 बार के ओलंपिक चैंपियन का सिर्फ 1 बार वर्ल्ड कप जीतना निराशाजनक है।


सिर्फ बार तय किया सेमीफाइनल का सफर

विश्व कप हॉकी प्रतियोगिता की शुरुआत 1971 में हुई थी। पहले विश्व कप में भारत तीसरे स्थान पर रहा था। दूसरा विश्व कप 1973 में हुआ। यहां भारत उपविजेता बना था। 1975 में हुए तीसरे विश्व कप में भारत ने स्वर्ण पदक जीतकर विश्व पटल पर हॉकी में अपना वर्चस्व दिखा था। उसके बाद से आज तक भारत सेमीफाइनल का भी चेहरा नहीं देख पाया है। 


वैसे तो टीम इस बार अपने पूल में ही वेल्स जैसी टीम से एड़ियां रगड़ कर जीती थी लेकिन न्यूजीलैंड ने उसको बढ़त लेने के बाद भी क्वार्टर फाइनल तक नहीं पहुंचने दिया। 1975 में इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को जीत कर लाने वाली टीम के कई पूर्व खिलाड़ी भी इस मैच को देख रहे थे लेकिन मैच खत्म होने के बाद उनका चेहरा उनके दिल के दर्द को बयां कर रहा था।

Sanju Suryawanshi

Sanju Suryawanshi

sanju@newsworld.com

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